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शनिवार, 28 मई 2011

आपकी आवाज पर ग्रहों का असर




आपने देखा होगा कि कुछ लोग जो मिठा बोलते हैं, उन्हे अपने जीवन में बहुत सफलता प्राप्त होती हैं। ऐसे लोग सिर्फ अपनी बोली के कारण ही सफलता प्राप्त करते हैं। और वहीं कड़वा और तीखा बोलने वाले लोग कही न कहीं असफल हो ही जाते हैं। इसलिए कहा जाता है कि अगर सफल होना चाहते हो तो अच्छा बोलो और मीठा बोलो लेकिन क्यों सब लोग मीठा नहीं बोल पाते? क्यों कुछ लोग चाहते हैं कि वो साफ और कड़वा ना बोले पर ऐसा नही ही पाता। इसका एक कारण जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति भी है तो आइए जानते है किस ग्रह के कमजोर होने का जातक की बोली पर क्या प्रभाव पड़ता है?


- अगर किसी की कुंडली में सूर्य शुभ होता है तो वह कम बोलने वाला होता है। लेकिन सूर्य अशुभ होता है तो व्यक्ति बहुत बोलने वाला होता है।

- कुंडली में चंद्रमा शुभ स्थिति में हो तो मीठा बोलने वाला और अशुभ हो तो कड़वा बोलने वाला होता हैं।

- कुंडली के दूसरे भाव में मंगल शुभ हो या अशुभ वह व्यक्ति तीखा बोलने वाला होता है।

- ज्योतिष में वाणी का स्वामी बुध है। अगर कुंडली में बुध शुभ होता है तो वह व्यक्ति अच्छा बोलने वाला और अपनी बोली से सबको प्रभावित कर देने वाला होता है।

- कुंडली में गुरू शुभ हो या अशुभ व्यक्ति शालीन बोलने वाला होता है।

- अगर शुक्र शुभ हो तो चतुर भाषी लेकिन अशुभ होने पर वह व्यक्ति झुठ बोलने वाला होता है।

- शनि को रूखा ग्रह माना गया है। किसी भी कुंडली में यह शुभ हो या अशुभ व्यक्ति हमेशा ही कड़वा बोलने वाला होता है

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