तेरी प्रीत ने हमको क्या न दिखाया,
बदनाम कर के जगत में हंसाया
लबों से लगा बांसुरी जब बुलाया,
अदाओं भरी टेढ़ी चितवन जो देखी
बदनाम कर के जगत में हंसाया
लबों से लगा बांसुरी जब बुलाया,
अदाओं भरी टेढ़ी चितवन जो देखी
दिल-ओ-जान लुटा जब ज़रा मुस्कुराया,
सुना भोली भाली वो प्रीती की बातें
कहा चल दिए जाने क्या दिल में आया,
तेरी खोज में जिस्म -ओ-जान राह भूली
पत्ता पत्ता में ढूंडा पता कुछ न पाया,
सब रिश्ते दिल-ओ-जान तेरे हाथ बेचे
बहुत कुछ गवाया न कुछ हाथ आया,
मजा खूब ये श्याम वह तेरी उल्फत
न घर का रखा और न अपना बनाया
सुना भोली भाली वो प्रीती की बातें
कहा चल दिए जाने क्या दिल में आया,
तेरी खोज में जिस्म -ओ-जान राह भूली
पत्ता पत्ता में ढूंडा पता कुछ न पाया,
सब रिश्ते दिल-ओ-जान तेरे हाथ बेचे
बहुत कुछ गवाया न कुछ हाथ आया,
मजा खूब ये श्याम वह तेरी उल्फत
न घर का रखा और न अपना बनाया

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें