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शनिवार, 24 सितंबर 2011

क्या इशारा करता हैं आंखें बंद करके मुस्कुराना?


जिनकी जिन्दगी में मुस्कुराहट नहीं होती वे कभी अपने जीवन को पूर्णता के साथ नहीं जी पाते। इसलिए जिन्दगी में मुस्कुराहट ही सबकुछ है। किसी की एक मुस्कुराहट लोगों को दीवाना बना सकती है। सही समय पर दी गई एक मुस्कुराहट आपके दूसरो से रिश्तों को और भी ज्यादा मजबूत बना सकती है। जबकि किसी अपने को मुस्कान ना दिए जाने पर कई बार रिश्ते में गलतफहमियां आ जाती है।

आजकल तनावभरी इस ऊबाऊ जिंदगी में यदि दो पल मुस्कुराहट के मिल जाएँ तो जिंदगी में सुकून का तड़का लग जाता है। सुंदर मुस्कान आपके सम्पूर्ण व्यक्तित्व को खास बना सकती है, और सुंदर मुस्कान के लिए आवश्यक हैं मुस्कुराने का स्टाइल। गौर से देखा जाए तो हर व्यक्ति के मुस्कुराने का एक अलग तरीका होता है।

कुछ लोगों की मुस्कुराहट ऐसी होती है जो उनके साधारण व्यक्तित्व में भी चमत्कारिक प्रभाव उत्पन्न कर देती है। जबकि कुछ लोगों की मुस्कुराहट मन को अच्छी नहीं लगती। ज्योतिष के अनुसार हर व्यक्ति की मुस्कुराहट उसके स्वभाव व व्यक्तित्व का दर्पण होती है। इस विज्ञान के अनुसार उन लोगों की मुस्कुराहट बिल्कुल अच्छी नहीं मानी जाती जो मुस्कुराते समय अपनी आंखें मुंद लेते हैं। वे लोग भरोसेमंद नहीं होते हैं।

ऐसे लोगों की मुस्कान हमें ये संकेत देती है कि ऐसे व्यक्ति आंखें मुंद कर विश्वास करने लायक बिल्कुल नहीं है। ऐसे लोगों के साथ बिजनेस में किसी तरह की साझेदारी से बचना चाहिए। यदि किसी तरह की साझेदारी करें या उनसे अपना काम करवाएं तो ध्यान रखें कि उनसे अपने बिजनेस सिक्रेट्स शेयर ना करें। ऐसे लोग बहुत व्यवहारिक होते हैं।

जो लोग गर्दन को आगे की तरफ झुकाकर मुस्कुराते हैं वे लोग बहुत अच्छा अभिनय कर लेते हैं। इन्हे अपने दुखों को सबसे छुपा कर रखना बहुत अच्छे से आता है। ऐसे लोगों पर भी बहुत अधिक विश्वास अच्छा नहीं माना जाता है।

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